सोमवार, 22 नवंबर 2010

प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन करने का निर्णय


कांकेर :- जिला कांग्रेस के द्वारा किसानों को मुआवजा व बोनस प्रदान करने, स्थानीय बेरोजगारों को शासकीय नौकरी देने एवं प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरोध में 26 दिसंबर 10 को जिला मुख्यालय कांकेर में विशाल प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया हैं तथा बैठक में  नरहरपुर नगर पंचायत के संपन्न होने वाले चुनाव के संबंध में रणनीति तैयार की गई। 
जिला कांग्रेस की बैठक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ब्लाक स्तर पर प्रदेश सरकार के विरोध में प्रदर्शन करने 30 नवंबर तक ब्लाक में बैठक आयोजित करने के निर्देश दिये गये। किसानों की धान खरीदी सही तरीके से हो इसके लिए प्रत्येक लेम्पसवार कांग्रेस की निगरानी समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया। सरकार के द्वारा जिले के किसानों को अतिवृष्टि के कारण हुए नुकसान का मुआवजा प्रदान करने एवं प्रति क्विंटल धान का 270 रू. बोनस देने तथा प्रदेश सरकार के द्वारा गठित बस्तर डेव्लपमेन्ट ग्रुप में लिये गये निर्णय अनुसार स्थानीय बेरोजगारों को शासकीय नौकरी प्रदान नही किये जाने पर जिला स्तरीय विशाल प्रर्दशन करने का निर्णय कांग्रेस की बैठक में लिया गया। नगर पंचायत नरहरपुर के चुनाव हेतु जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा बसंत यादव, रामनारायण सिंहा, पार्षद रमेश गौतम एवं जिला पंचायत सदस्य थानसिंह नरेटी को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया। 
जिला कांग्रेस की बैठक में अध्यक्ष राजेश तिवारी, पूर्व विधायक शिव नेताम, दिलीप खटवानी, जितेन्द्र सिंह ठाकुर, मनोज जैन, दिनेश जायसवाल, नरोत्तम पटेल, नरेश बिछिया, निशा मेहता, स्वर्णलता सिंह, झमित जैन, रामनारायण सिन्हा, रमेश गौतम, धर्मेन्द्र मेहता, परदेशी निषाद, तरेन्द्र भंडारी, मनराखन मरकाम, इसहाक अहमद, विजय यादव, कृष्ण कुमार अत्री, मांडवी दीक्षित, ओमप्रकाश गिड़लानी, बसंत यादव, जितेन्द्र मोटवानी, कृष्णा नायक, कैलाश खत्री, पुरषोत्तम पाटिल, चन्द्रकांत धु्रवा, कुन्दन मरकाम, रामकरण कुंजाम, बाबूलाल साहू, ज्योति साहू, सरस्वती नायर, हिम्मत स्वर्ण, नन्दकुमार देवांगन, खम्मन बैरागी आदि पदाधिकारी उपस्थित थे।

रविवार, 21 नवंबर 2010

शुक्रवार, 19 नवंबर 2010

इंदिरा गांधी जी की जयंती पर पुण्य स्मरण


कांकेर :- पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी की जयंती के अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी कांकेर के द्वारा गांधी उद्यान में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेसजनो ने श्रीमती गांधी के छाया चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर पुण्य स्मरण किया।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश तिवारी ने कहा कि श्रीमती गांधी ने देश के गरीबों के उत्थान के लिए बीस सूत्रिय कार्यक्रम लागू किए। आदिवासी क्षेत्र के विकास के लिए अलग से धनराशि उपलब्ध कराई। आदिवासियों के लिए उनके मन में अथाह प्रेम था। बस्तर के आदिवासी आज की श्रीमती गांधी को इंदिरा माता के रूप में याद करते हैं।
इस अवसर पर पूर्व विधायक शिव नेताम, नपा उपाध्यक्ष मनोज जैन, प्रदेश प्रतिनिधि दिलीप खटवानी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष स्वर्णलता सिंह, झमित जैन, पार्षद रमेश गौतम, विजय यादव, आशीष दत्तराय, कांतिनाग, सियो पोटाई, सुशीला देव, नरेश ठाकुर, बलाई बोस, लक्ष्मणपुरी गोस्वामी, नरोत्तम पटेल, नरेश बिछिया, ओमप्रकाशस गिड़लानी, इसहाक अहमद, आशा निषाद, ललित सिंह ठाकुर, वरलक्ष्मी ब्रह्मम, चन्द्रप्रकाश चतुर्वेदी आदिकार्यकर्ता उपस्थित थे।

शनिवार, 13 नवंबर 2010

के.एस. सुदर्शन के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज हो

 आरएसएस के पूर्व प्रमुख के. सुदर्शन ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के विरूद्ध अत्यंत ही अशोभनीय एवं आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्रीमती इंदिरा गांधी एवं स्व. राजीव गांधी की हत्या का षड़यंत्र रचने एवं सीआईए का एजेंट बताया है। जिला कांग्रेस कमेटी ऐसे वक्तव्य की घोर निन्दा करते हुए आरएसएस के पूर्व प्रमुख के. सुदर्शन के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर तत्काल गिरफ्तार करने की मांग करती हैं। आरएसएस के सदस्य जिसने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या की थी, जिस संस्था से जुड़े सदस्य देश में आतंकवादी घटनाओं में शामिल होकर देश को तोड़ने का काम कर रहे हैं। जिस संस्था के लोग देश में धर्म के नाम पर बांटने का काम कर रहे हैं। ऐसी संस्था के पूर्व प्रमुख ने अनर्गल, अशोभनीय भाषा का प्रयोग करके अपनी संस्था का असली चरित्र उजागर कर दिया हैं। आरएसएस के लोग हमेशा भड़काऊ वक्तव्य देकर देश में अस्थिरता फैलाने का काम करते हैं। ऐसी संस्था पर तत्काल प्रतिबंध लगाना चाहिए।

शनिवार, 6 नवंबर 2010

कांग्रेस के ब्लाक एवं जिला अध्यक्षों का सम्मेलन 8 फरवरी 2009 नई दिल्ली

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के द्वारा 8 फरवरी 2009 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रदेश भर के ब्लाक एवं जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों का सम्मेलन आयोजित किया गया था। सम्मेलन में श्रीमती  सोनिया गांधी के उद्घाटन भाषण के बाद प्रथम वक्ता के रूप में छत्तीसगढ़ से मुझे आमंत्रित किया गया था। 
मेरे जीवन के अविस्मरणी क्षणों में 8 फरवरी 2009 का दिन था, जब मैने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव श्री राहुल गांधी एवं प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह एवं देश के दिग्गज कांग्रेस नेताओं व पूरे देश के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के समक्ष भाषण करने का सौभाग्य हासिल हुआ। 
मेरे भाषण को सबने सराहा। भाषण समाप्त होने के बाद बड़े बड़े नेताओं ने मुझे शाबासी दी। मुझे तसल्ली हुई कि मैने पार्टी के भीतर अपनी बातों को बेबाकी के साथ रखा। 
उसी अवसर के छाया चित्र एवं विडियो








बुधवार, 3 नवंबर 2010

कांग्रेसजन सोनिया गांधी की नसीहतों का पालन करें


नई दिल्ली: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने चौथी बार कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने के बाद कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा है कि वे सादगी का जीवन बिताएं। सोनिया गांधी ने नक्सलवाद, महंगाई जैसी समस्याओं के प्रति चिंता भी जताई। साथ ही कांग्रेसजनो से कहा कि उन्हे विभिन्न पदों में मनोनयन का अधिकार तो प्रदान कर रहे हैं किन्तु इससे कुछ लोग छुट सकते हैं, इससे उन्हे नाराज होने की जरूरत नही है। वे कुछ इंतजार भी करे उन्हे इंतजार का फल अवश्य मिलेगा। 
श्रीमती सोनिया गांधी ने विपक्षी पार्टी के साथ सहयोगी पार्टीयों को भी कहा कि पार्टी के द्वारा समझौता करने का यह मतलब नही है कि पार्टी अपनी जमीन छोड़ देगी। पार्टी जमीनी स्तर पर कार्य करती रहेगी। 
श्रीमती सोनिया गांधी ने नक्सली आतंकवाद के बारे में चिंता करके यह जता दिया है कि पार्टी छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्योें मंे नक्सलवाद की बढ़ रही गतिविधियों से अनजान नही है। अपनी चिंता जता कर सोनिया ने केन्द्र सरकार को इस समस्या से निपटने के लिए एक प्रकार से अगाह भी किया हैं। 
श्रीमती सोनिया गांधी ने पार्टी नेताओं को सादगीपूर्ण जीवन जीने की सलाह दी है। किन्तु पार्टी के ही बड़े नेता इसका पालन नही करते। पार्टी में अनुशासनहीनता भी काफी बढ़ी है और इसके लिए भी पार्टी के बडे़ नेता ही जिम्मेदार हैं। श्रीमती गांधी के नसीहत का पालन कांग्रेस के बड़े नेता करने लगें तो निश्ंिचत रूप से पार्टी का उद्धार होगा। आज कांग्रेस में सबसे बड़ी चिंता अनुशासनहीनता की हैं। 
श्रीमती सोनिया गांधी के द्वारा अधिवेशन में दिये गये भाषण से निश्चिंत रूप से कांग्रेस के आम कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा हैं। कांग्रेस पार्टी में श्रीमती सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी ही मुख्य आकर्षण का केन्द्र बिन्दु हैं एवं पार्टी की जान हैं। इनके दम पर ही पार्टी टिकी हुई हैं। इन दोनो नेताओं के त्याग एवं सादगी पूर्ण जीवन का कांग्रेसजनों को अनुसरण करना चाहिए।