रविवार, 4 दिसंबर 2011

महापंचायत के बाद किसानों ने निकाली रैली

 मांगों को लेकर किसानों ने सौंपा ज्ञापन



कांकेर। कांकेर जिले में लगातार दो वर्षों से अकाल की स्थिति निर्मित हो रही है। जिसके कारण किसानों की स्थिति दिनोदिन बदतर होती जा रही हैं। किसान कर्ज में डूबता ही जा रहा हैं इसी कारण गत वर्ष कांकेर जिले के परलकोट क्षेत्र के एक किसान को आत्महत्या करने को मजबूर होना प़ड़ा था। कांकेर जिले के सात तहसील को अकालग्रस्त घोषित करने की मांग किसानों के द्वारा लगातार की जा रही थी। किसान महापंचायत के द्वारा आंदोलन की चेतावनी देने के बाद राज्य शासन ने विलंब से कांकेर जिले की सभी तहसील को अकालग्रस्त घोषित किया है किंतु किसानों को उनके फसल का मुआवजा प्रदान करने, राहत कार्य प्रारंभ करने के आदेश जारी नहीं किए गए हैं। सहकारी समिति के द्वारा की जा रही धान खरीदी में भारी अनियमितता बरती जा रही है। सरकार के द्वारा किसानों को २७० रुपए बोनस देने का वायदा किया गया था।
जिसे आज तक पूरा नहीं किया गया है। किसान महापंचायत के द्वारा सोमवार को जिला मुख्यालय कांकेर में किसानों की महारैली निकाल कर अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की। मांगे पूरी नहीं होने पर जिले के किसान मजदूर किसान महापंचायत के बैनर तले उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है। मांगों में कहा है कि अकालग्रस्त कांकेर जिले के किसानों को तत्काल प्रति एक़ड़ २० हजार रुपए मुआवजा प्रदान की जाए, अकाल के कारण मजदूर पलायन कर रहे हैं प्रत्येक गांव में अतिशीघ्र राहत कार्य प्रारंभ किए जाए, किसानों के समस्त कृषि ऋ ण माफकर जिन किसानों ने ऋ ण जमा कर दिए हैं उन्हें वापस किया जाए, महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत वर्ष में १५० रुपए दिन का रोजगार दे एवं किसानों के समस्त कृषि कार्य भूमि मरम्मत, जुताई, बुआई, निंदाई, कटाई आदि कराया जाए, सरकार धान का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल १५०० रुपए निर्धारित करे व प्रदेश सरकार अपने वायदे के अनुरूप २७० रुपए का बोनस २००९ से प्रदान करे। जिले के नागरिकों को राशन दुकान से प्रदान किए जा रहे उसना चावल को तत्काल बंद किया जाए, दुधावा बांध का पानी नरहरपुर तहसील के सुरही क्षेत्र के किसानों को देने नहर का निर्माण किया जाए, रेल लाइन हेतु भानुप्रतापपुर ब्लाक के लगभग ४३८ किसान परिवार की अधिग्रहित भूमि स्वामियों के परिवार के एक सदस्य को तत्काल नौकरी एवं प्रति एक़ड़ १० लाख रुपए मुआवजा प्रदान किया जाए, सरकार अपने वायदे के अनुरूप किसानों को सिंचाई हेतु मुफ्त बिजली प्रदान करें, धान खरीदी केन्द्र में इलेक्ट्रानिक कांटे से तौल कर धान की खरीदी हो व तत्काल भुगतान की व्यवस्था हो, सरकार २ लाख रुपए का किसान बीमा योजना लागू कर आश्रित परिवार को पेंशन प्रदान करे। इस दौरान राजेश तिवारी, शिव नेताम, चन्द्रप्रकाश ठाकुर, हरनेक सिंह औजला, मानक दरपट्टी, ब्रम्हाशंकर दर्रो, विजय ठाकुर, बिरेश ठाकुर, शंकर ध्रुवा, भुनेश्वर नाग, पवन कौशिक, मनोज जैन, राघवेन्द्र राजपूत, दिनेश जायसवाल, सुरेश सोनी, अजय सिंह, यासिन कराणी, तरेन्द्र भंडारी, सुद्घु राम कुंजाम, देवा राम साहू, रामउ पटेल, विरेन्द्र मंडावी, मणी राम साहू, दुल्लू नरेटी, महात्मा सिन्हा, राजेन्द्र सलाम, कुंदन दर्रो, श्रीमती स्वर्णलता सिंग, कांती नाग, पूजा बोरकर, मांडवी दीक्षित, रोशन आरा, लाली बनर्जी, सुशीला ध्रुव, रेख मनडोली, वरलक्ष्मी ब्रम्हा, ज्योति साहू, भिखनतिन नेताम, मीना आदि उपस्थित थे।




मंगलवार, 15 नवंबर 2011

किसान महा-पंचायत का होगा गठन


गैर राजनैतिक होगा किसानों का संगठन, किसानों की मांगों को लेकर होगा विशाल आन्दोलन

कांकेर: - इस वर्ष कांकेर जिले में कम वर्षा के कारण सूखा पड़ा है, जिसके कारण धान की कम पैदावार होने के कारण किसान अपना कर्ज पटाने की स्थिति में नही हैं। उसके बावजूद भी सरकार के द्वारा जिले के कांकेर, नरहरपुर, चारामा, भानुप्रतापपुर, पखांजूर, अंतागढ़ एवं दुर्गूकोंदल किसी भी तहसील को सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित नही किया गया हैं। अकालग्रस्त क्षेत्र घोषित नही होने से किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ नही मिल पायेगा। राजेश तिवारी ने ब्यान जारी कर कहा है कि किसानों की अनेको समस्याओं की आवाज को बुलंद करने बस्तर संभाग स्तरीय किसान महा पंचायत का गठन कर इस गैर राजनैतिक संगठन के माध्यम से किसानों की मांगों को पूरा कराया जायेगा। सबसे पहले कांकेर जिले के प्रत्येक ब्लाक, लेम्स, एवं गांव स्तर तक किसानों का संगठन खड़ा किया जायेगा। 
श्री तिवारी ने कहा कि आज किसानों को उनके किसी भी फसल धान, दलहन, तिलहन एवं वनोपज का पूरा कीमत नही मिल पा रहा हैं, किसान शोषण को मजबूर हैं। किसान महा पंचायत के माध्यम से सभी फसलों के समर्थन मूल्य में वृद्धि, जिले के सातो तहसील को सूखा ग्रस्त क्षेत्र घोषित कर किसानों की कर्ज माफी, जिले दुधावा, परलकोट बांध सहित अन्य बांध का पूरा पानी सिंचाई के लिए किसानों को दिलाने व सिचाई का रकबा बढ़ाने, किसानों के  सभी प्रकार के धान के एक एक दाने की खरीदी, प्रदेश सरकार द्वारा घोषित 270 रू. का बोनस दिलाने, तेन्दुपत्ता सहित सभी वनोपज के समर्थन मूल्य में वृद्धि, किसानो को मुफ्त बिजली एवं पंप कनेक्शन  दिलाने आदि मांगों को लेकर विशाल आन्दोलन किया जायेगा। 

रविवार, 13 नवंबर 2011

प्रदेश सरकार पर कांग्रेस के कड़े प्रहार




भास्कर न्यूज .कांकेर:  रथयात्रा पर निकले भाजपा नेता लालकृष्ण आडवानी जगह-जगह केन्द्र सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं लेकिन जिन राज्यों में भाजपा की सरकार है वहां पर हो रहे खुलेआम भ्रष्टाचार का उल्लेख नहीं कर रहे हैं। भाजपा ने पूर्व में राममंदिर बनाने के नाम पैसा लिया था लेकिन ना तो मंदिर निर्माण किया और ना ही उसका आज तक हिसाब किताब जनता को दिया है। 

स्थानीय कृषि उपज मंडी में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते प्रदेश कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने उक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश भाजपा सरकार की किसान विरोधी नितियों के चलते प्रदेश के कुछ किसान आत्महत्या तक कर चुके हैं। राज्य में कांग्रेस सरकार बनाने कार्यकर्ताओं को अभी से समर्पित होकर कार्य करना पड़ेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल ने कहा कि रमन सरकार बहुत ज्यादा भ्रष्ट है, जिसके कारण आम आदमी परेशान है। कांकेर जिले में भी जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जोडऩे और कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने २०१२ में जनवरी से मार्च तक एक अभियान चलाया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षणों का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक बूथ में पार्टी को मजबूत बनाने पांच कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की टीम गठित करना है। 

पूर्व राज्य मंत्री सत्यनारायण शर्मा ने कहा प्रदेश की भाजपा सरकार केंद्र से मिलने वाले पैसे से चल रही, उसमें भ्रष्टाचार भी कर रही है। भाजपा शासनकाल में अपराध की घटनाओं में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रताडि़त किया जा रहा है। प्रदेश में भ्रष्टाचार व्यापक रूप से फैला हुआ है। भ्रष्ट सरकार को उखाड़ फेंकने सभी को संकल्प लेना चाहिए। कार्यकर्ता सम्मेलन को पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरविंद नेताम, कोटा विधायक कवासी लखमा, प्रदेश कांग्रेस महामंत्री फूलों नेताम, कांग्रेस के प्रदेश नेता रमेश वाल्याणी, शेखर यादव, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष नरेश ठाकुर, प्रदेश कांग्रेस सचिव राजेश तिवारी ने भी सभा को संबोधित किया। मंच संचालन दयाराम जैन ने किया। सम्मेलन में विधायक गुरूमुख सिंह होरा, पूर्व विधायक मंतूराम पवार, पूर्व मंत्री गंगा पोटाई, शिव नेताम, छग कांग्रेस महिला अध्यक्ष अंबिका मरकाम, राजकुमारी दीवान, लोकसभा युवक कांग्रेस अध्यक्ष अमीन मेमन के अलावा नितिन पोटाई, पुरुषोत्तम पाटिल, मानक दरपट्टी, पवन कौशिक, आशीष दत्ता राय, बसंत यादव, चंद्रकांत ध्रुवा, स्वर्णलता सिंह, पुरषोतम गजेंद्र, आकाश राव, कांति नाग, परदेशी राम निषाद, मांडवी दीक्षित, मोतीराम साहू, धर्मेंद्र सेन, सुनील गोस्वामी, रामाधार कुलदीप, नंदकिशोर राठी, रामकरण कुंजाम, धर्मेंद्र मेहता, पंडित राम नरेटी, दुर्गाप्रसाद कोमरा, शिवलाल टांडिया, बाबा गढ़पाले, आरती श्रीवास्तव, विजय यादव, डा विजय तिवारी, चंद्रकुमार यादव, शंकर ध्रुवा, गणेश तिवारी, इशहाक अहमद, लक्ष्मणपुरी गोस्वामी, मुन्ना सिन्हा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। 

प्रदेश की भाजपा सरकार से जनता त्रस्त 
नेता प्रतिपक्ष रविंद्र चौबे ने कहा कि प्रदेश में परिवर्तन की लहर स्पष्ट दिख रही है। आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी प्रदेश की भाजपा सरकार से जनता त्रस्त हो चुकी है। प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन चलाया जाएगा। प्रदेश से नक्सलवाद से लडऩे सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है। नक्सली उन्मूलन के नाम बस्तर के जंगलों में रहने वाले आदिवासी ही मारे जा रहे है। कभी नक्सलियों की गोली से तो कभी सीआरपीएफ जवानों की गोलियों से आदिवासी ही मारे जा रहे है। प्रदेश की बहुमूल्य खनिज संपदा को दलालों के माध्यम बाहर भेजा जा रहा है। भाजपा प्रदेश सरकार किसानों को मात्र लुभाने वायदा करती है लेकिन बोनस नहीं देकर धोखा कर रही है। रमन सरकार किसानों तथा आमजनता की नहीं बल्कि पूंजीपतियों की सरकार है यही कारण है की पूंजीपतियों को तो भरपूर बिजली पानी तथा अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है लेकिन किसानों के दर्द से सरकार को कोई वास्ता नहीं है। प्रदेश सरकार की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सका है की गलत इलाज की वजह से बालोद और कवर्धा में ५४ लोगो की आंखें चली गई और ४ की मौत हो गई।

महंत के नहीं पहुंचने से निराशा 

कार्यकर्ता सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री चरणदास महंत भी पहुंचने वाले थे लेकिन बस्तर से लौटते वक्त वे कांकेर नहीं रुके और सीधे रायपुर के लिए रवाना हो गए। राजनीतिक हलकों में इसे कांग्रेस नेताओं की गुटबाजी से जोड़ कर देखा जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी बीके हरिप्रसाद भी कार्यक्रम के बीच से ही अपने संबोधन के बाद चले गए। कार्यक्रम शुरू होने का निर्धारित समय दोपहर १२ बजे था। वरिष्ठ नेताओं के विलंब से पहुंचने के चलते कार्यक्रम बेहद विलंब से दोपहर ३ बजे शुरू हो पाया। कार्यक्रम को लेकर कार्यकर्ताओं में बहुत ज्यादा उत्साह था और सभी विकासखंडों से कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी पहुंच गए थे। पंडाल महिला पुरुष कार्यकर्ताओं से भरा हुआ था लेकिन केंद्रीय कृषि मंत्री के नहीं पहुंचने से कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को निराशा हुई।


धान खरीदी घोटाले की उच्च स्तरीय जांच हो : राजेश तिवारी


कांकेर: - प्रदेश सरकार के विरूद्ध कांकेर जिले में वर्ष 2010-11 में धान खरीदी में लगभग पचास करोड़ रू. का धान घोटाला करने का आरोप लगाते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के सचिव राजेश तिवारी ने केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री डा. चरणदास महंत को कांकेर प्रवास पर ज्ञापन सौंप धान खरीदी की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की हैं।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के सचिव राजेश तिवारी ने कृषि मंत्री को सौपे ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया है कि कांकेर जिले में गत वर्ष अतिवृष्टि के कारण किसानों की फसल खराब होने से धान की क्वालिटी भी खराब हो गई थी। प्रदेश सरकार ने उस धान को खरीदने से इन्कार कर दिया, जिसके कारण जिले के किसान कोचियों एवं व्यापारियों को मजबूरी में अपना धान बेचना पड़ा था। कांग्रेस के द्वारा खराब क्वालिटी की धान को खरीदने की मांग आप लोगों के माध्यम से की गई थी। जिसके आधार पर भारत सरकार के खाद्य, लोक वितरण एवं उपभोक्ता मंत्रालय ने केन्द्रीय जांच दल भेज कर किसानो के धान की जांच कराई थी। केन्द्रीय जांच दल ने किसानों की मांगों को जायज मानते हुए मंत्रालय के पत्र क्रमांक 8-1/2010-ह्य & ढ्ढ / दिनांक 8 मार्च 2011 के द्वारा राज्य सरकार के प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को आदेश जारी कर खरीब फसल 2010-11 सीजन की बारिश में धान का रंग बदलने में 6 प्रतिशत एवं उसना में 6 प्रतिशत एवं चांवल के टूटन में 30 प्रतिशत की छूट प्रदान की थी। इस आदेश के अन्तर्गत छूट का लाभ जिले के किसानों को नही मिला क्योंकि राज्य सरकार ने सहकारी समितियों में पानी से रंग खराब हुए धान को खराब बता कर खरीदने से इंकार कर दिया एवं किसानो को  मजबूरी में धान को 700 रू. से 800 रू. में कोचियों व व्यापारियों को बेचना पड़ा था। उस धान को जिला प्रशासन, जिला विपणन अधिकारी एवं लेम्स सहकारी समिति की मिली भगत से फर्जी किसानों के नाम से लेम्स समिति में बेच दिया गया और उक्त केन्द्र सरकार के आदेश का फायदा राईस मिलर व व्यापारियों को मिला। जिला विपणन अधिकारी के कार्यालय में ही 40 से 50 लाख का कमीशन वसूल किया गया। कांकेर जिले में ही लगभग 50 करोड़ का धान खरीदी में घोटाला कर किसानों के साथ धोखा किया गया है। 
राजेश तिवारी ने मांग की है कि सत्र 2010-11 में कांकेर जिले में की गई धान खरीदी की जांच कराई जावे, सहकारी समिति में जिन जिन किसानों के पट्टे में धान खरीदी दर्शाया गया है उनके नाम व उनके जमीन के रकबे को सार्वजनिक किया जावे, फर्जी किसानों के नाम से जिन लोगों ने जिला विपणन अधिकारी एवं लेम्स समिति के कर्मचारियों के साथ मिली भगत कर धान को सहकारी समिति में बेचा है, उन सबके विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जावे, केन्द्र सरकार के द्वारा जो छूट प्रदान की गई थी जिसका लाभ किसानों को मिलना था किन्तु उसका फायदा किसानों की नही मिल पाया, अत: फसल का मुआवजा प्रदेश सरकार से दिलाई जावे, सत्र 2011-12 के धान के खरीब फसल की खरीदी केन्द सरकार की निगरानी में किये जाये जिससे किसानों को लूट का सामना ना करना पडे।




शुक्रवार, 11 नवंबर 2011

बस्तर की जनता बनाती है राज्य में सरकार


पत्रकार वार्ता में कृषि राज्यमंत्री महंत ने कहा

कांकेर। बस्तर में सीट जीतने वाली पार्टी ही राज्य में सरकार बनाती है। बस्तर की जनता जिसे चुनती है राज्य में उसी पार्टी की सरकार बनती है। यह बात कृषि राज्यमंत्री चरणदास महंत ने कांकेर में पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने यह भी कहा कि वे बस्तर संभाग की जनता से यह जानने के लिए ही आए हैं कि उनसे किन उम्मीदों पर हमारी पार्टी खरी नहीं उतर रही है। श्री महंत ने कहा कि कृषि राज्य मंत्री बनकर उन्हें प्रदेश के कृषकों की सेवा का अवसर मिला है। मंत्री बनने के बाद उनकी यह पहली प्राथमिकता रहेगी कि क्षेत्र के किसानों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाए। कृषि का रकबा, सिंचाई का रकबा बढ़ाए जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि कांकेर जिले में काजू की फसल और मत्स्य उत्पादन को बढ़ाए जाने के क्षेत्र में भी विकास की काफी संभावना है। उन्होंने कहा कि इस संभावना को देखते हुए क्षेत्र में कृषि की नई तकनीकों के विकास, आधुनिक कृषि को प्रोत्साहन देने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के संबंध में सकारात्मक कदम उठाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही आने वाले समय में क्षेत्र के किसानों को राशन कार्ड की तरह ही एक कार्ड भी उपलब्ध कराया जाएगा। जिसमें उनके खेतों की जानकारी होगी। इस कार्ड में खेत की मिट्टी के गुण, उसमें मौजूद तत्वों की सही मात्रा की जानकारी दी जाएगी। क्षेत्र के अधिकांश कृषक अब भी आधुनिक तरीके से कृषि करना नहीं जानते हैं। जिसके कारण वे अपने खेत की मिट्टी की प्रकृति से भी अनजान हैं। जिसके कारण वे अनजाने में अपने खेतों में जरूरत से ज्यादा या जरूरत से कम मात्रा में उर्वरकों या दवाओं का छिड़काव करते हैं। जिससे फसलों को फायदे की जगह नुकसान हो जाता है। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी रोजगार गारंटी के राशि के बंदरबांट के संबंध में जो शिकायतें मिली थी। केन्द्र को उन शिकायतों से अवगत करा दिया गया है। जिसके बाद केन्द्र के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए इस संबंध में जांच भी शुरू कर दी गई है। केन्द्र की द्वारा राज्यों को मिलने वाली अधिकांश राशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। इस कारण जिन लोगों तक इसका लाभ पहुंचना चाहिए था। उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। अन्ना हजारे द्वारा कांग्रेस पर लगातार वार किए जाने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि वे किसी व्यक्ति विशेष पर टिप्पणी नहीं करेंगे। लेकिन केवल बोलने से ही भ्रष्टाचार खत्म नहीं हो सकता।

इसके लिए हम सभी को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को रोकने के लिए पहले भी कई कानून बनाए जा चुके हैं, लेकिन सभी कानून बेअसर साबित हुए हैं। आने वाले समय में संसद में जन लोकपाल विधेयक भी पेश किया जाने वाला है जिससे देश की जनता को काफी उम्मीद है। यह पुछे जाने पर कि कांकेर क्षेत्र में आधुनिक सिंचाई सुविधा का अभाव है। अधिकांश कृषिक वर्षा के जल पर ही निर्भर हैं। ऐसी स्थिति में दुधावा जलाशय के स्थित होने के बाद भी इसका लाभ दूसरे जिले के लोगों को अधिक मिलता है और क्षेत्र के कृषक सिंचाई सुविधा से वंचित रह जाते हैं। क्या कभी कांकेर क्षेत्र के किसानों को इसका लाभ मिल सकेगा। उन्होंन कहा कि क्षेत्र में सिंचाई सुविधा के विकास के लिए प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। पत्रकारवर्ता के दौरान श्री महंत के साथ गुरूमुख सिंह होरा, धनेश्वरी साहू, सुभाष धूप्पड़ व भूपेश बघेल मौजूद थे।

कांग्रसियों ने किया जोरदार स्वागत

चरण दास महंत के कांकेर पहुंचने पर कांग्रेसियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। श्री महंत के आने के पूर्व ही बड़ी संख्या में कांग्रेसियों रेस्टहाउस में मौजूद थे और श्री महंत के पहुंचते ही उनका फूलमाल से स्वागत किया। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नरेश ठाकुर, गांगा पोटाई,, राजेश तिवारी, शिव नेताम, पवन कौशिक, बिरेश ठाकुर, मानक दरपट्टी, हरनेक सिंह औजला, केडी मिश्रा, सुनिल गोस्वामी, मनोज जैन, यासिन कराणी, नरेश बिछिया, कृष्ण कुमार अत्री, राजेश शर्मा, चंद्रकांत ध्रुवा, नितिन पोटाई, अनूप शर्मा, अधिश्वर नेताम, स्वर्णलता सिह, झमित जैन, गिरवर साहू, नरोत्तम पडोटी, नरोत्तम पटेल, बसंत यादव, अमिन मेमन, धर्मेन्द्र मेहता, डॉ विजय तिवारी, परदेशी निषाद, विजय ठाकुर, मांडवी दीक्षित, पूजा बोरकर, रोशन आरा, कल्पना जायसवाल, आकश राव, शेखर सलाम, ब्रम्हा ठाकुर आदि उपस्थित थे।

सोमवार, 31 अक्टूबर 2011

रविवार, 23 अक्टूबर 2011

मै ह्रदय से सभी मित्रों का आभारी हूँ

सभी मित्रों, शुभचिंतकों की दुवाओं से मै और मेरा परिवार एक बड़ी दुर्घटना से सकुशल बच गए. ये ईश्वर का चमत्कार ही है की हमें खरोच तक नहीं आई. मै ह्रदय से सभी मित्रों का आभारी हूँ, जिन्होंने मेरी इतनी चिंता कर मेरी मदद करने तुरंत मेरे पास पहुंच मेरा सम्बल बढाया. लगातार शुभचिंतकों ने फ़ोन कर चिंता जाहिर की.  मै उनका बहुत ज्यादा ही आभारी हूँ जो अनजान थे किन्तु दुर्घटना स्थल में हमारी मदद की. मै ईश्वर से सभी की खुशहाली की कामना करता हूँ.


बुधवार, 19 अक्टूबर 2011

रोजगार गारंटी के अंतर्गत फर्जी मजदूरी भुगतान


रोजगार गारंटी के अंतर्गत फर्जी मजदूरी भुगतान


भुगतान की मांग लेकर जिला पंचायत पहुंचे मजदूर 

कांकेर। रोजगार गारंटी के अंतर्गत फर्जी मजदूरी भुगतान करने का मामला प्रकाश में आया है। ग्राम गोटीटोला के ग्रामीणों ने मंगलवार को जिला पंचायत पहुंच कर सीईओ से इसकी शिकायत की। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष रोजगार गारंटी योजना के तहत क्षेत्र में मैदान समतलीकरण, स़ड़क निर्माण तथा खेत समतलीकरण जैसे काम कराए गए थे। 

जिसमें कई मजदूरों ने काम किया था लेकिन अब तक इन मजदूरों को मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। साथ ही शासकीय राशि का फर्जी तरीके से शासकीय कर्मचारी बंदरबाट करने के फिराक में लगे हैं। कर्मचारी मस्टर रोल में फर्जी तरीके से नाम को दर्शाकर शासकीय राशि को आहरण कर रहे हैं। शासकीय राशि का इस तरह के बंदरबाट करने के अनेक मामले हैं लेकिन प्रशासन के लापरवाही के कारण मामले रुकने के बजाए और तूल ले रहा है। प्रशासन की दोषियों के खिलाफ क़ड़ी कार्रवाई नहीं होने से भ्रष्टाचारियों के हौसले और भी बुलंद हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसी तरह ग्राम पंचायत गोटीटोला में भी रोजगार गारंटी के तहत राशि का फर्जी तरीके से आहरण किया गया है। 

जिला पंचायत सीईओ को ज्ञापन के द्वारा अवगत कराया कि ग्राम पंचायत गोटीटोला के आश्रित ग्राम चंदेली के द्वारा रोजगार गारंटी के अंतर्गत कार्य किया गया था, जिनका मजदूरी भुगतान नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में पहले भी एसडीएम और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन इसके बाद भी चुप रहा तो भ्रष्टाचारियों की मनमानी ब़ढ़ती ही जाएगी। 

भूमि समतलीकरण कार्य में फर्जी भुगतान किया गया है। उन्होंने बताया कि ग्राम के सरपंच सचिव के द्वारा फर्जी तरीके से बैंक से राशि का आहरण किया जा रहा है उन्होंने बताया कि जब बैंक इसकी जानकारी मांगी गई तो बहुत से ऐसे व्यक्तियों के नाम सामने आए जो या तो शासकीय कर्मचारी है या पेंशनधारी है। उन्होंने बैक से प्राप्त सूची के आधार पर बताया कि द्वारका प्रसाद, सानूराम, सज्जनसिंह, मैनाबाई, गैदीबाई, सराधुराम, रैनीबाई, अमरबती, देवंतीन, अमको, रतीराम, रमेश, अघोन, लबन्तीन, सुरजाबाई, राधेराम गंगाराम, मधु, रमुला, रतुला, बृजाबाई, कृष्णाबाई, अजीत, राजेश्वरी, रोहित, सदाराम, मनटोराबाई, रोहितदास, बसंता, छत्तर, अगनूराम, देवाथ, भद्रप्रताप, निर्मला, सोकसिर, उदली, श्यामा, सुखीराम, श्यामा, कुमारी, रामभरोष, नोहर, बसंत लता आदि ऐसे नाम है जिनके नाम से फर्जी तरीके से राशि का आहरण किया गया है। ज्ञापन सौंपने वालों में राजेश तिवारी, रतिराम सेठिया, रामसिंग पोटाई, रमेश दरपट्टी, विष्णुराम नाग, सावंतराम मंडावी, छतर नेताम, जेठुराम टेकाम, रघुनाथ शोरी, रामलाल साहू, कैलाश मंडावी आदि मौजूद थे।





मंगलवार, 11 अक्टूबर 2011

कव्वाली की प्रस्तुति ने मनमोहा

गढ़िया पहाड़ पर गीत गाएगी सीमा

कांकेर। गढ़िया महोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में सातवें दिन बनारस की कव्वाली गायिका तथा महाराष्ट्र के कव्वाल के बीच जंगी मुकाबला हुआ। कार्यक्रम देखने भारी भी़ड़ उम़ड़ी थी तथा अंत तक महोत्सव का पंडाल खचाखच भरा हुआ था। 

रात १० बजे दुर्गा अराधना के साथ शुरू हुआ कव्वाली का दौर सुबह ४ बजे तक चला। कव्वालन सीमा सबा ने देवी अराधना के बाद ऐसी प्रस्तुति दी कि श्रोता मंत्रमुग्ध बैठे रहे। भोजपुरी में प्रस्तुत कव्वाली में राधा कृष्ण के बीच नोक झोंक की प्रस्तुति को दर्शकों ने बेहद सराहा। इसके अलावा महाभारत के अभिमन्यु प्रसंग पर प्रस्तुत कव्वाली बेटा याद रखोगे की भूल जाओगे..को भी जमकर दाद मिली। कौमी एकता पर प्रस्तुत कव्वाली जो हिन्दू मुसलमान को आपस में ल़ड़ा दे यारों हमारे मुल्क का शैतान वहीं है..को भी दर्शकों ने बेहद पसंद किया। महाराष्ट्र के कव्वाल सलीम हाशमी ने भी देवी अराधना, कौमी एकता के साथ कव्वाली का दौर शुरू किया। जिसे दर्शकों ने सराहा। दोनों कव्वाली के बीच नोंक झोंक को भी श्रोताओं ने जमकर मजा लिया। कव्वाली का मुकाबला देखने शहर के अलावा दूरदराज गांवों से भी ब़ड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे तथा कार्यक्रम के अंत तक कव्वाली का आनंद लिया। कव्वाली के जंगी मुकाबले में बनारस की कव्वाल सीमा सबा महाराष्ट्र के कव्वाली सलीम हाशमी पर भारी प़ड़ी। 

गढ़िया पहाड़ पर गीत गाएगी सीमा 

गढ़िया महोत्सव आयोजन समिति ने बनारस की कव्वाली गायिका सीमा सबा को ग़िढ़या पहा़ड़, महोत्सव आदि के लिए अपनी आवाज में आडियो कैसेट बनाने प्रस्ताव दिया है। सीमा सबा ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया तथा कुछ औपचारिकताओं के बाद शीघ्र ही कैसेट कांकेर की श्रद्घालु जनता के हाथों तक पहुंचेगा। ग़िढ़या पहा़ड़ पर तैयार होने वाले गीत का मुख़ड़ा होगा चलो चलते है ग़िढ़या पहा़ड़ वहां है माता का दरबार..विदित हो की सीमा सबा पिछले १२ वर्षो से कव्वाली कर रही हैं तथा उनकी आवाज में टी सीरिज ने कव्वाली के २५ एलबम बनाए हैं जो देश में बेहद लोकप्रिय भी हुए हैं। सीमा सबा ने देश के सभी प्रांतों में कार्यक्रम दिए हैं तथा दक्षिण अफ्रीका में भी कार्यक्रम दे चुकी हैं।कांकेर। ग़िढ़या महोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में सातवें दिन बनारस की कव्वाली गायिका तथा महाराष्ट्र के कव्वाल के बीच जंगी मुकाबला हुआ। कार्यक्रम देखने भारी भी़ड़ उम़ड़ी थी तथा अंत तक महोत्सव का पंडाल खचाखच भरा हुआ था। 


सोमवार, 19 सितंबर 2011


गणमान्य नागरिकों के साथ गढिय़ा पहाड़ का अवलोकन



कांकेर. एतिहासिक गढिय़ा पहाड़ को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने जिला प्रशासन तथा वनविभाग के अमले ने जनप्रतिनिधियों तथा शहर के गणमान्य नागरिकों के साथ गढिय़ा पहाड़ का अवलोकन किया।
विधायक सुमित्रा मारकोले ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप गढिय़ा पहाड़ में सडक़ तथा मंगल भवन बनना है। इस संबंध में कलेक्टर तथा वनसंरक्षक से चर्चा कर शीघ्र कार्ययोजना बनाने कहा गया था। सडक़ बन जाने से श्रध्दालुओं को पहाड़ चढऩे में सुविधा होगी तथा पर्यटकों का भी आवागमन बढ़ेगा। 17 सितंबर की सुबह 8.30 बजे दल ने मेला भाठा मैदान से जोगी गुफा के रास्ते पहाड़ पर चढऩा शुरू किया। कलेक्टर निर्मल खाखा ने बताया प्रथम चरण में मेला भाठा मैदान से जोगी गुफा तक सडक़ बनेगी तथा दुसरे चरण में जोगी गुफा से गढिय़ा पहाड़ तक सडक़ बनाई जाएगी।
सडक़ निर्माण में लोक निर्माण विभाग तथा लोक यांत्रिकीय विभाग के अफसरों से तकनीकी सहयोग लिया जाएगा। डीएफओ आरके चंदेले ने बताया रास्ते में जगह जगह पर्यटकों के विश्राम के लिए पकोड़ा तथा विहंगम दृश्यों का नजारा लेने स्थलों का चयन किया जा रहा है। दल ने गढिय़ा पहाड़ पर गार्डन तथा वाहनों की पार्किंग के लिए भी स्थलों का चयन किया। सडक़ तथा सीढ़ी मार्ग के दोनो ओर फलदार तथा फूलदार पौधों का रोपण भी करने का निर्णय लिया गया।
गढिय़ा पहाड़ के एतिहासिक स्थलों फांसी भाठा, टूरी हठरी, खजाना पत्थर, किला, छूरी पगार, जोगी गुफा आदि को पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित करने तथा सुरक्षा के उपाय करने का निर्णय लिया गया। दल के सदस्यों के सुझाव पर गढिय़ा पहाड़ पर किले की चारदीवारी के अवशेषों का पुराना स्वरूप देते सरंक्षण करने का भी निर्णय लिया गया। मेला भाठा मैदान से जोगी गुफा के रास्ते प्रस्तावित सडक़ मार्ग पर बिजली तथा पेयजल के इंतजाम भी किए जाएंगे।
अवलोकन करने गए दल में राजेश तिवारी, पवन कौशिक, भरत मटियारा, अनिरूध्द साहू, मनोज जैन, जितेंद्र सिंह ठाकुर, राजीव लोचन सिंह, संदीप चौबे, विवेक परते, नारायण चंदेल, रामकुमार पंजाबी, राकेश यादव, गोपाल शर्मा, राजेश शर्मा, हुमन साहू, उपेंद्र शांडिल्य, ईशाक अहमद, राजूसिंह राणा के अलावा लोक निर्माण विकास के कार्यपालन अभियंता एमएल उईके, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के कार्यपालन अभियंता एचएस मरकाम, वन परिक्षेत्र अधिकारी पीएनआर नायडू के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।  

बुधवार, 14 सितंबर 2011

पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ सौंपा ज्ञापन


दिनभर नहीं चली टैक्सी

टैक्सी यूनियन ने सदस्यों ने पुलिस पर जबदस्ती मारपीट और गाली गलौच करने का आरोप लगाया है। टेक्सी यूनियन के अध्यक्ष सालिक राम साहू ने बताया कि सोमवार की शाम गणेश विसर्जन के दौरान पुलिसवालों ने उन्हें आटो जल्दी आगे बढ़ाने को कहा साथ ही उन्होंने गाली गलौच करते हुए एक आटो का कॉच भी तोड़ दिया। जिसके बाद पुलिस ने कुछ लोगों के साथ मारपीट भी की। उन्होंने बताया कि इस दौरान पुलिस ने टेक्सी यूनियन के सचिव हरि सिंग ठाकुर के साथ भी मारपीट की। इस घटना से आक्रोशित टेक्सी युनियन, आटो युुनियन और प्राइवेट टेक्सी युनियन ने मंगलवार को सड़को पर गाड़ी न चलाने का निर्णय लिया और उन्होंने गाड़ियां खड़ी रखीं। वहीं इस घटना के बाद आक्रोशित टेक्सी युनियन के सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए एसपी कार्यालय पहुंचे। जहां पहुंचकर उन्होंने पुलिस अधीक्षक राहुल भगत से इस मामले की शिकायत की। शिकायत लेकर पहुंचे लोगों ने पुलिस अधीक्षक राहुल भगत को ज्ञापन सौंपा। 
इस दौरान टेक्सी यूनियन अध्यक्ष सालिक राम साहू, उपाध्यक्ष गोपी किसन चौरसिया, पूर्व जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजेश तिवारी, सचिव हरि सिंग ठाकुर, मुनउवर अली, निखिल साह, बबलू साहू, जगन साहू, नवाज अली, आजम अली, जाकिर अली, कुबेर, आशिष साहा, निसार खान, देवेन्द्र, प्रदीप रामानी, संजय निर्मलकर, संतोष निर्मलकर, अजय यादव, अजय साहा, संजय साहा, हेमंत निषाद, राजेन्द्र कोसरिया, शैलेन्द्र दीपक, दिलीप सारथी, शिव सारथी आदि मौजूद थे। शिकायत पर एसपी राहुल भगत ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि टैक्सी यूनियन संघ ने ४८ घंटे के भीतर उचित कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन करने की चेतावनी दी है।


मंगलवार, 16 अगस्त 2011



पदस्थापना तिथि बढ़ी



कांकेर & शिक्षाकर्मी पदस्थापना के लिए आयोजित काउंसिलिंग का विरोध किए जाने के बाद जिला पंचायत ने पदस्थापना तिथि आगे बढ़ा दी है। विरोध के दौरान जिला पंचायत में बेरोजगार संघ ने जमकर नारेबाजी की जिससे माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया। बेरोजगार संघ तथा जिला पंचायत के मध्य घंटे भर हुई चर्चा के बाद पदस्थापना तिथि आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। काउंसिलिंग के दौरान शोरगुल की सूचना मिलते ही जिला तथा पुलिस प्रशासन के अधिकारी तत्काल जिला पंचायत पहुंचे। बेरोजगार संघ ने पदस्थापना काउंसिलिंग के एक दिन पूर्व जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप काउंसिलिंग रद्द करने की मांग की थी। 

ज्ञापन में बेरोजगार संघ ने स्पष्ट कहा था कि यदि काउंसिलिंग रद्द नहीं की गई तो जिला पंचायत कार्यालय के निकट धरना-प्रदर्शन कर काउंसिलिंग का विरोध किया जाएगा, साथ ही यह भी कहा था की जिला पंचायत में उपस्थित होने वाले बाहरी आवेदकों को काउंसिलिंग में भाग लेने नहीं दिया जाएगा। इसी के चलते शुक्रवार को बेरोजगार संघ पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश तिवारी के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहा था। जिला पंचायत द्वारा काउंसिलिंग रद्द नहीं किए जाने के बाद प्रदर्शन कर रहे बेरोजगारों की भीड़ जिला पंचायत में घुस गई। प्रदर्शनकारी सीधे काउंसिलिंग हाल के दरवाजे तक पहुंच नारेबाजी करने लगे। हल्ला होने पर जिला पंचायत सीईओ ने स्वयं के कक्ष में बैठकर बात करने की बात कही।

घंटे भर हुई चर्चा के बाद निर्णय लिया गया की उम्मीदवार काउंसिलिंग के लिए पहुंच चुके है इसलिए काउंसिलिंग आयोजित की जाएगी लेकिन पदस्थापना सूची फिलहाल जारी नहीं की जाएगी। यदि सप्ताह भर में भर्ती के संबंध में शासन से कोई नया आदेश मिलता है तो उसके अनुसार ही भर्ती आगे कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान नगरपालिका उपाध्यक्ष मनोज जैन, कांग्रेस नेता राजेश शर्मा, नरेश बिछिया आदि उपस्थित थे।