मंगलवार, 16 अगस्त 2022
मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017
जिला मुख्यालय में चक्काजाम कर रहे कांगे्रसियों पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग
जिला कांग्रेस कमेटी ने विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करते हुए जिला सहित तथा सभी ब्लाक मुख्यालय में चक्काजाम किया। जिला मुख्यालय में चक्काजाम कर रहे कांगे्रसियों पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया। सड़क किनारे कांग्रेसियों तथा पुलिस प्रशासन के मध्य काफी देर तक मान मनौव्वल के बाद नोंक झोंक भी हुई।
चक्काजाम में डटे आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर थाना भी लाया गया, लेकिन बिना किसी पर मामला दर्ज किए उन्हें छोड़ दिया गया। थाने से रिहाई के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा। जिला कांग्रेस कमेटी ने किसानों की धान खरीदी, मुआवजा तथा फर्जी मुठभेड़ की सीबीआई जांच की मांग करते गुरुवार को जिला सहित ब्लाक मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय में कांग्रेसियों ने पुराने बस स्टैंड में सभा की तथा दोपहर दो बजे नया बसस्टैंड चौक पर नेशनल हाईवे में चक्काजाम किया। शुरूआती कुछ मिनटों तक तो चक्काजाम शांति पूर्ण रहा इसके बाद पुलिस का बल वहां पहुंच गया। पुलिस ने पहले तो सड़क पर बैठे आंदोलनकारियों को हटाना चाहा लेकिन आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक हटाने लगी। इसके बाद भी आंदोलनकारी नहीं उठे तो पुलिस ने बल प्रयोग किया। इस दौरान आंदोलनकारियों तथा पुलिस बल के बीच धक्कामुक्की भी हुई।
आंदोलनकारियों को नेशनल हाईवेे से खदेड़ कर जिला कार्यालय मार्ग में एकत्रित किया गया। चक्काजाम बंद करने जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश तिवारी को एसडीओपी मुकेश ठाकुर ने काफी मनाया लेकिन वे नहीं माने। तिवारी का कहना था कि हमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने दे या फिर गिरफ्तार करें। दोपहर दो बजकर 10 मिनट से प्रारंभ हुआ यह सिलसिला आधे घंटे तक चलता रहा। इसके बाद पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल सहित दो दर्जन लोगों को पुलिस की दो गाडिय़ों में भर कर थाने ले आई। कांकेर से गुजर रहे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री सुभाष शर्मा भी थाने पहुंचें। प्रदर्शन में दिलीप खटवानी, आशीष दत्ताराय, यासीन कराणी, पुरूषोत्तम पाटिल, राजा देवनानी, तरेंद्र भंडारी, आलोक श्रीवास्तव, नरेश ठाकुर, आकाश राव, ललित ठाकुर, सुरेश सोनी, ओमप्रकाश गिडलानी, नरेश बिछिया, दिनेश जायसवाल, राजेश शर्मा, अजय सिंह, महेंद्र यादव, रोमनाथ जैन, इसहाक अहमद, संतकुमार रजक, स्वर्ण लता सिंह, पूजा बोरकर, झमित जैन, कांति नाग, ज्योति साहू, पूजा बोरकर, वर लक्ष्मी, सरस्वती नायडू उपस्थित थे।
चक्काजाम में डटे आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर थाना भी लाया गया, लेकिन बिना किसी पर मामला दर्ज किए उन्हें छोड़ दिया गया। थाने से रिहाई के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा। जिला कांग्रेस कमेटी ने किसानों की धान खरीदी, मुआवजा तथा फर्जी मुठभेड़ की सीबीआई जांच की मांग करते गुरुवार को जिला सहित ब्लाक मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय में कांग्रेसियों ने पुराने बस स्टैंड में सभा की तथा दोपहर दो बजे नया बसस्टैंड चौक पर नेशनल हाईवे में चक्काजाम किया। शुरूआती कुछ मिनटों तक तो चक्काजाम शांति पूर्ण रहा इसके बाद पुलिस का बल वहां पहुंच गया। पुलिस ने पहले तो सड़क पर बैठे आंदोलनकारियों को हटाना चाहा लेकिन आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक हटाने लगी। इसके बाद भी आंदोलनकारी नहीं उठे तो पुलिस ने बल प्रयोग किया। इस दौरान आंदोलनकारियों तथा पुलिस बल के बीच धक्कामुक्की भी हुई।
आंदोलनकारियों को नेशनल हाईवेे से खदेड़ कर जिला कार्यालय मार्ग में एकत्रित किया गया। चक्काजाम बंद करने जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश तिवारी को एसडीओपी मुकेश ठाकुर ने काफी मनाया लेकिन वे नहीं माने। तिवारी का कहना था कि हमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने दे या फिर गिरफ्तार करें। दोपहर दो बजकर 10 मिनट से प्रारंभ हुआ यह सिलसिला आधे घंटे तक चलता रहा। इसके बाद पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल सहित दो दर्जन लोगों को पुलिस की दो गाडिय़ों में भर कर थाने ले आई। कांकेर से गुजर रहे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री सुभाष शर्मा भी थाने पहुंचें। प्रदर्शन में दिलीप खटवानी, आशीष दत्ताराय, यासीन कराणी, पुरूषोत्तम पाटिल, राजा देवनानी, तरेंद्र भंडारी, आलोक श्रीवास्तव, नरेश ठाकुर, आकाश राव, ललित ठाकुर, सुरेश सोनी, ओमप्रकाश गिडलानी, नरेश बिछिया, दिनेश जायसवाल, राजेश शर्मा, अजय सिंह, महेंद्र यादव, रोमनाथ जैन, इसहाक अहमद, संतकुमार रजक, स्वर्ण लता सिंह, पूजा बोरकर, झमित जैन, कांति नाग, ज्योति साहू, पूजा बोरकर, वर लक्ष्मी, सरस्वती नायडू उपस्थित थे।
कोयलीबेड़ा में कांग्रेस का प्रदर्शन
कांकेर :- धूर नक्सल प्रभावित क्षेत्र कोयलीबेड़ा में युवा कांग्रेस के तत्वाधान में जनपद पंचायत कार्यालय सहित अन्य कार्यालय कोयलीबेड़ा में पुन: प्रारंभ करने एवं तेन्दुपत्ता की मजदूरी 200 रू. करने सहित 15 सूत्रिय मांगों को लेकर मुख्यमार्ग में रैली निकाल कर कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया। रैली के पश्चात आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश तिवारी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने घोषणा की थी कोयलीबेड़ा में जनपद कार्यालय तीन दिन लगाया जाये किन्तु उनके आदेश का पालन अभी तक नही किया जा रहा हैं। यहां से सभी कार्यालय अन्यत्र स्थानांतरित कर दिये गये हैं। जिसके कारण यहां के आदिवासियों को काफी परेशानी हो रही हैं। इसलिए पखांजूर एवं कोयलीबेड़ा ब्लाक को पृथक कर दोनो को अलग अलग ब्लाक का दर्जा प्रदान करना चाहिए। श्री तिवारी ने कहा कि कोयलीबेड़ा ब्लाक में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार हो रहा हैं, जितनी राशि इस ब्लाक के लिए स्वीकृत की गई है अगर उसे प्रत्येक परिवार को बांट दिया जाता तो वे लखपति हो जाते। यहां के आदिवासियों को नक्सली के नाम से प्रताडि़त किया जा रहा हैं। सभा को जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष भुनेश्वर नाग, मानक दरपट्टी, रत्तीराम दुगा, धन्नूराम, मुनीर अहमद ने भी संबोधित किया।
रैली एवं सभा के पश्चात महामहिम राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें उल्लेख किया गया है कि जनपद पंचायत, खंड शिक्षा अधिकारी एवं महिला बाल विकास कार्यालय तत्काल प्रारंभ किये जावे, एकीकृत एक्शन प्लान के तहत राशि स्वीकृत करने, मेढक़ी नदी में एनीकट निर्माण, विद्युत पावर स्टेशन, दूर संचार टावर प्रांरभ करने, स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार प्रदान करने, स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सक की व्यवस्था, शाला एवं छात्रावास में चारदीवारी निमार्ण, तेन्दुपत्ता की मजदूरी दर 200 रू. करने, रावघाट परियोजना में यहां के लोगों को नौकरी प्रदान करने, चारगांव लौह अयस्य परियोजना की 75 प्रतिशत रायल्टी यहां के विकास के लिए खर्च करने, अंतागढ़ कोयलीबेड़ा मार्ग की मरम्मत कर नया सडक़ निर्माण करने एवं एकलव्य आदर्श विद्यालय कोयलीबेड़ा में खोले जाने की मांग की गई हैं। रैली में काफी संख्या में महिला पुरूष एवं युवा वर्ग के लोग सम्मिलित थे।
प्रदेश सरकार पर कांग्रेस के कड़े प्रहार
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भास्कर न्यूज .कांकेर
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| रथयात्रा पर निकले भाजपा नेता लालकृष्ण आडवानी जगह-जगह केन्द्र सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं लेकिन जिन राज्यों में भाजपा की सरकार है वहां पर हो रहे खुलेआम भ्रष्टाचार का उल्लेख नहीं कर रहे हैं। भाजपा ने पूर्व में राममंदिर बनाने के नाम पैसा लिया था लेकिन ना तो मंदिर निर्माण किया और ना ही उसका आज तक हिसाब किताब जनता को दिया है। स्थानीय कृषि उपज मंडी में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते प्रदेश कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने उक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश भाजपा सरकार की किसान विरोधी नितियों के चलते प्रदेश के कुछ किसान आत्महत्या तक कर चुके हैं। राज्य में कांग्रेस सरकार बनाने कार्यकर्ताओं को अभी से समर्पित होकर कार्य करना पड़ेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल ने कहा कि रमन सरकार बहुत ज्यादा भ्रष्ट है, जिसके कारण आम आदमी परेशान है। कांकेर जिले में भी जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जोडऩे और कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने 2012 में जनवरी से मार्च तक एक अभियान चलाया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षणों का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक बूथ में पार्टी को मजबूत बनाने पांच कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की टीम गठित करना है। पूर्व राज्य मंत्री सत्यनारायण शर्मा ने कहा प्रदेश की भाजपा सरकार केंद्र से मिलने वाले पैसे से चल रही, उसमें भ्रष्टाचार भी कर रही है। भाजपा शासनकाल में अपराध की घटनाओं में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रताडि़त किया जा रहा है। प्रदेश में भ्रष्टाचार व्यापक रूप से फैला हुआ है। भ्रष्ट सरकार को उखाड़ फेंकने सभी को संकल्प लेना चाहिए। कार्यकर्ता सम्मेलन को पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरविंद नेताम, कोटा विधायक कवासी लखमा, प्रदेश कांग्रेस महामंत्री फूलों नेताम, कांग्रेस के प्रदेश नेता रमेश वाल्याणी, शेखर यादव, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष नरेश ठाकुर, प्रदेश कांग्रेस सचिव राजेश तिवारी ने भी सभा को संबोधित किया। मंच संचालन दयाराम जैन ने किया। सम्मेलन में विधायक गुरूमुख सिंह होरा, पूर्व विधायक मंतूराम पवार, पूर्व मंत्री गंगा पोटाई, शिव नेताम, छग कांग्रेस महिला अध्यक्ष अंबिका मरकाम, राजकुमारी दीवान, लोकसभा युवक कांग्रेस अध्यक्ष अमीन मेमन के अलावा नितिन पोटाई, पुरुषोत्तम पाटिल, मानक दरपट्टी, पवन कौशिक, आशीष दत्ता राय, बसंत यादव, चंद्रकांत ध्रुवा, स्वर्णलता सिंह, पुरषोतम गजेंद्र, आकाश राव, कांति नाग, परदेशी राम निषाद, मांडवी दीक्षित, मोतीराम साहू, धर्मेंद्र सेन, सुनील गोस्वामी, रामाधार कुलदीप, नंदकिशोर राठी, रामकरण कुंजाम, धर्मेंद्र मेहता, पंडित राम नरेटी, दुर्गाप्रसाद कोमरा, शिवलाल टांडिया, बाबा गढ़पाले, आरती श्रीवास्तव, विजय यादव, डा विजय तिवारी, चंद्रकुमार यादव, शंकर ध्रुवा, गणेश तिवारी, इशहाक अहमद, लक्ष्मणपुरी गोस्वामी, मुन्ना सिन्हा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। |
गुरुवार, 7 अप्रैल 2016
शनिवार, 8 सितंबर 2012
मंगलवार, 4 सितंबर 2012
शुक्रवार, 23 मार्च 2012
गढिय़ा पहाड़ स्थित कांकेश्वरी देवी के मंदिर मेंं जले मनोकामना के ज्योत
आज नवरात्र के प्रथम दिन से ही गढिय़ा पहाड़ स्थित मंदिर में देवी के दर्शन करने सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। पहाड़ी में दर्शनार्थ जाने वाले लोगों की सुविधा के लिए नगर पालिका परिषद कांकेर के द्वारा पेयजल की व्यवस्था की गई हैं। श्रद्धालुओं को रात्रि में पहाड़ में दर्शन करने के लिए आने जाने में किसी प्रकार की परेशानी ना हो इसलिए रास्ते में पालिका के द्वारा बिजली की भी समुचित व्यवस्था की गई हैं। पहाड़ के ऊपर विभिन्न प्रकार के दुकान भी सजने लग गये हैं। जहां हर प्रकार के पूजा एवं खान पान आदि की सामग्री रखी गई हैं।
शनिवार, 10 मार्च 2012
महिला दिवस पर लांयस क्लब ने महिलाओं का किया सम्मान
नारी अपनी शक्ति को पहचान ऊंचा मुकाम हासिल करे: श्रीमती शर्मा
कांकेर :- अन्र्तराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लायंस क्लब कांकेर ग्रीन सिटी के द्वारा महिलाओं की विचार गोष्ठी का आयोजन कर कन्या भ्रूण हत्या, महिला सशक्तीकरण, महिला उत्थान एवं राजनैतिक रूप से शक्तिशाली बनने आदि विषयों पर चर्चा की गई तथा ज्योतिष के क्षेत्र में ऊंचा मुकाम हासिल करने वाली श्रीमती गीता शर्मा एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धी के लिए डा. श्रीमती सरला आतराम का शाल श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए श्रीमती गीता शर्मा ने कहा कि नारी में देवी का नवरूप होता हैं, नारी अपनी शक्ति को पहचान कर काम करे तो समाज में ऊंचा स्थान हासिल कर सकती है। श्रीमती शर्मा ने वेद पुराणों के अनेक उदाहरणों के माध्यम से नारी शक्ति का उल्लेख किया तथा अपने शुरूवाती दिनों में ज्योतिष के कार्यों में आई बाधा के बारे में जानकारी देकर उपस्थित महिलाओं को प्रोत्साहित किया। डा. सरला आतराम ने कहा कि आज लैंगिग अनुपात में काफी असमानता आती जा रही हैं जोकि भविष्य के लिए घातक है। महिलाओं को कन्या भ्रूण हत्या का विरोध करना चाहिए तथा महिलाएं अपनी काबिलियत एवं आत्मबल से हर क्षेत्र में सशक्त हस्ताक्षर बने। लायंस क्लब के अध्यक्ष राजेश तिवारी ने कहा कि अगर महिलाएं संगठित होकर महिला आरक्षण के लिए अपने अपने घर में चूल्हा चक्की बंद कर आन्दोलन प्रारंभ कर दे तो प्रत्येक दल के नेताओं को मजबूर होकर महिला आरक्षण बिल पास करना पडेगा। गोष्ठी को श्रीमती उर्मिला शुक्ला, श्रीमती रानी शर्मा, श्रीमती सुनीता तिवारी, पद्मा चंद्राकर, आशा खटवानी, स्वर्णलता सिंह ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन लायन कल्पना जायसवाल ने व आभार प्रदर्शन लायन शशि चौहान ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से लायंस क्लब के अध्यक्ष राजेश तिवारी, लायन अशोक शुक्ला, उपाध्यक्ष लायन उर्मिला शुक्ला, कल्पना जायसवाल, सह सचिव डा. शशि चौहान, सह कोषाध्यक्ष स्वर्णलता सिंह, टेल ट्वीस्टर लायन आशा खटवानी, लायन सुनीता तिवारी, श्रीमती गायत्री शर्मा, श्रीमती सरोज राव, पद्मा चंद्राकर, सरोजनी पांडे आदि महिलाएं उपस्थित थीं।
रविवार, 8 जनवरी 2012
हे मां तुझे भुलाऊं कैसे?
हे मां तुझे भुलाऊं कैसे?
तेरे प्यार को बिसराऊं कैसे,
अपने बचपन को भूल जाऊं कैसे,
मां तुझसे दूर जाऊं कैसे, मां तुझे भुलाऊं कैसे .. ..
तेरी आंचल में मेरी नींद को,
मेरी बीमारी में उड़ी तेरी नींद को,
तुम्हारे हर उस लाड़ दुलार को,
खाने के लिए तेरे पुचकार को,
पढ़ाई के लिए तेरे डांट लताड़ को,
मेरे आंशू पोछे उस आंचल को,
शैतानी पर तेरे हाथों की नरम पिटाई को,
फिर तेरे गर्म आंशू की उस रूलाई को,
मुझे मनाने खिलाई तेरी मिठाई को - कैसे भूल पाऊं मैं
मां तुझे भुलाऊं कैसे, तुझसे दूर जाऊं कैसे. .
नादान उम्र की उस भटकन को,
बचपन के उलझे प्रश्नो के उत्तर को,
जवानी की हर कटीले सांझ को,
जीने की दिखाई तेरी हर राह को,
समझदारी की तेरी हर बात को, कैसे भूल पाऊं मैं
मां तुझे भुलाऊं कैसे? तुझसे दूर जाऊं कैसे? तुम्हारी यादों से दूर हो जाऊं कैसे?
हमारे लिए उठाई तेरी हर कठिनाई को,
तेरे जीवन के हर पल संघर्ष को,
संघर्षो की तेरी हर लड़ाई को,
बिखरे परिवार की उस संवराई को, कैसे भूल पाऊं मैं. . .
मां तुझे भुलाऊं कैसे? तुझसे दूर जाऊं कैसे? तुम्हारी यादों से दूर हो जाऊं कैसे?
सबके दुखों से होना तेरे दुख को,
सबके खुशी में शामिल तेरी खुशी को,
सबके कष्ट निवारन करने की तेरी कला को,
इन सबको मैं पाऊं कैसे?
मां तुझे भुलाऊं कैसे? तुझसे दूर जाऊं कैसे? तेरी यादों से दूर हो जाऊं कैसे?
तेरे दिये इस अनमोल जीवन को,
तेरे संवारे मेरे उस यौवन को,
मुझे पहुंचाये हर उस मुकाम को
मेरे रूठने पर तेरी मनुहार को,
मुझसे नाराज होने की उस झूठे रूठन को,
अब मुझसे रूठी हो तो मनाऊं कैसे?
तेरे जाने से दुखी सबके मन में वो खुशी अब मैं लाऊं कैसे?
मां तुझे भुलाऊं कैसे? मां फिर से तुझे पाऊं कैसे,
तुम्हारे आंचल में अब मैं समाऊं कैसे?
मां तुझे भुलाऊं कैसे? मां तुझे भुलाऊं कैसे?
मंगलवार, 6 दिसंबर 2011
रविवार, 4 दिसंबर 2011
महापंचायत के बाद किसानों ने निकाली रैली
मांगों को लेकर किसानों ने सौंपा ज्ञापन
कांकेर। कांकेर जिले में लगातार दो वर्षों से अकाल की स्थिति निर्मित हो रही है। जिसके कारण किसानों की स्थिति दिनोदिन बदतर होती जा रही हैं। किसान कर्ज में डूबता ही जा रहा हैं इसी कारण गत वर्ष कांकेर जिले के परलकोट क्षेत्र के एक किसान को आत्महत्या करने को मजबूर होना प़ड़ा था। कांकेर जिले के सात तहसील को अकालग्रस्त घोषित करने की मांग किसानों के द्वारा लगातार की जा रही थी। किसान महापंचायत के द्वारा आंदोलन की चेतावनी देने के बाद राज्य शासन ने विलंब से कांकेर जिले की सभी तहसील को अकालग्रस्त घोषित किया है किंतु किसानों को उनके फसल का मुआवजा प्रदान करने, राहत कार्य प्रारंभ करने के आदेश जारी नहीं किए गए हैं। सहकारी समिति के द्वारा की जा रही धान खरीदी में भारी अनियमितता बरती जा रही है। सरकार के द्वारा किसानों को २७० रुपए बोनस देने का वायदा किया गया था।
जिसे आज तक पूरा नहीं किया गया है। किसान महापंचायत के द्वारा सोमवार को जिला मुख्यालय कांकेर में किसानों की महारैली निकाल कर अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की। मांगे पूरी नहीं होने पर जिले के किसान मजदूर किसान महापंचायत के बैनर तले उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है। मांगों में कहा है कि अकालग्रस्त कांकेर जिले के किसानों को तत्काल प्रति एक़ड़ २० हजार रुपए मुआवजा प्रदान की जाए, अकाल के कारण मजदूर पलायन कर रहे हैं प्रत्येक गांव में अतिशीघ्र राहत कार्य प्रारंभ किए जाए, किसानों के समस्त कृषि ऋ ण माफकर जिन किसानों ने ऋ ण जमा कर दिए हैं उन्हें वापस किया जाए, महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत वर्ष में १५० रुपए दिन का रोजगार दे एवं किसानों के समस्त कृषि कार्य भूमि मरम्मत, जुताई, बुआई, निंदाई, कटाई आदि कराया जाए, सरकार धान का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल १५०० रुपए निर्धारित करे व प्रदेश सरकार अपने वायदे के अनुरूप २७० रुपए का बोनस २००९ से प्रदान करे। जिले के नागरिकों को राशन दुकान से प्रदान किए जा रहे उसना चावल को तत्काल बंद किया जाए, दुधावा बांध का पानी नरहरपुर तहसील के सुरही क्षेत्र के किसानों को देने नहर का निर्माण किया जाए, रेल लाइन हेतु भानुप्रतापपुर ब्लाक के लगभग ४३८ किसान परिवार की अधिग्रहित भूमि स्वामियों के परिवार के एक सदस्य को तत्काल नौकरी एवं प्रति एक़ड़ १० लाख रुपए मुआवजा प्रदान किया जाए, सरकार अपने वायदे के अनुरूप किसानों को सिंचाई हेतु मुफ्त बिजली प्रदान करें, धान खरीदी केन्द्र में इलेक्ट्रानिक कांटे से तौल कर धान की खरीदी हो व तत्काल भुगतान की व्यवस्था हो, सरकार २ लाख रुपए का किसान बीमा योजना लागू कर आश्रित परिवार को पेंशन प्रदान करे। इस दौरान राजेश तिवारी, शिव नेताम, चन्द्रप्रकाश ठाकुर, हरनेक सिंह औजला, मानक दरपट्टी, ब्रम्हाशंकर दर्रो, विजय ठाकुर, बिरेश ठाकुर, शंकर ध्रुवा, भुनेश्वर नाग, पवन कौशिक, मनोज जैन, राघवेन्द्र राजपूत, दिनेश जायसवाल, सुरेश सोनी, अजय सिंह, यासिन कराणी, तरेन्द्र भंडारी, सुद्घु राम कुंजाम, देवा राम साहू, रामउ पटेल, विरेन्द्र मंडावी, मणी राम साहू, दुल्लू नरेटी, महात्मा सिन्हा, राजेन्द्र सलाम, कुंदन दर्रो, श्रीमती स्वर्णलता सिंग, कांती नाग, पूजा बोरकर, मांडवी दीक्षित, रोशन आरा, लाली बनर्जी, सुशीला ध्रुव, रेख मनडोली, वरलक्ष्मी ब्रम्हा, ज्योति साहू, भिखनतिन नेताम, मीना आदि उपस्थित थे।
मंगलवार, 15 नवंबर 2011
किसान महा-पंचायत का होगा गठन
गैर राजनैतिक होगा किसानों का संगठन, किसानों की मांगों को लेकर होगा विशाल आन्दोलन
कांकेर: - इस वर्ष कांकेर जिले में कम वर्षा के कारण सूखा पड़ा है, जिसके कारण धान की कम पैदावार होने के कारण किसान अपना कर्ज पटाने की स्थिति में नही हैं। उसके बावजूद भी सरकार के द्वारा जिले के कांकेर, नरहरपुर, चारामा, भानुप्रतापपुर, पखांजूर, अंतागढ़ एवं दुर्गूकोंदल किसी भी तहसील को सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित नही किया गया हैं। अकालग्रस्त क्षेत्र घोषित नही होने से किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ नही मिल पायेगा। राजेश तिवारी ने ब्यान जारी कर कहा है कि किसानों की अनेको समस्याओं की आवाज को बुलंद करने बस्तर संभाग स्तरीय किसान महा पंचायत का गठन कर इस गैर राजनैतिक संगठन के माध्यम से किसानों की मांगों को पूरा कराया जायेगा। सबसे पहले कांकेर जिले के प्रत्येक ब्लाक, लेम्स, एवं गांव स्तर तक किसानों का संगठन खड़ा किया जायेगा।
श्री तिवारी ने कहा कि आज किसानों को उनके किसी भी फसल धान, दलहन, तिलहन एवं वनोपज का पूरा कीमत नही मिल पा रहा हैं, किसान शोषण को मजबूर हैं। किसान महा पंचायत के माध्यम से सभी फसलों के समर्थन मूल्य में वृद्धि, जिले के सातो तहसील को सूखा ग्रस्त क्षेत्र घोषित कर किसानों की कर्ज माफी, जिले दुधावा, परलकोट बांध सहित अन्य बांध का पूरा पानी सिंचाई के लिए किसानों को दिलाने व सिचाई का रकबा बढ़ाने, किसानों के सभी प्रकार के धान के एक एक दाने की खरीदी, प्रदेश सरकार द्वारा घोषित 270 रू. का बोनस दिलाने, तेन्दुपत्ता सहित सभी वनोपज के समर्थन मूल्य में वृद्धि, किसानो को मुफ्त बिजली एवं पंप कनेक्शन दिलाने आदि मांगों को लेकर विशाल आन्दोलन किया जायेगा।
रविवार, 13 नवंबर 2011
प्रदेश सरकार पर कांग्रेस के कड़े प्रहार
भास्कर न्यूज .कांकेर: रथयात्रा पर निकले भाजपा नेता लालकृष्ण आडवानी जगह-जगह केन्द्र सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं लेकिन जिन राज्यों में भाजपा की सरकार है वहां पर हो रहे खुलेआम भ्रष्टाचार का उल्लेख नहीं कर रहे हैं। भाजपा ने पूर्व में राममंदिर बनाने के नाम पैसा लिया था लेकिन ना तो मंदिर निर्माण किया और ना ही उसका आज तक हिसाब किताब जनता को दिया है।
स्थानीय कृषि उपज मंडी में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते प्रदेश कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने उक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश भाजपा सरकार की किसान विरोधी नितियों के चलते प्रदेश के कुछ किसान आत्महत्या तक कर चुके हैं। राज्य में कांग्रेस सरकार बनाने कार्यकर्ताओं को अभी से समर्पित होकर कार्य करना पड़ेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल ने कहा कि रमन सरकार बहुत ज्यादा भ्रष्ट है, जिसके कारण आम आदमी परेशान है। कांकेर जिले में भी जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जोडऩे और कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने २०१२ में जनवरी से मार्च तक एक अभियान चलाया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षणों का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक बूथ में पार्टी को मजबूत बनाने पांच कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की टीम गठित करना है।
पूर्व राज्य मंत्री सत्यनारायण शर्मा ने कहा प्रदेश की भाजपा सरकार केंद्र से मिलने वाले पैसे से चल रही, उसमें भ्रष्टाचार भी कर रही है। भाजपा शासनकाल में अपराध की घटनाओं में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रताडि़त किया जा रहा है। प्रदेश में भ्रष्टाचार व्यापक रूप से फैला हुआ है। भ्रष्ट सरकार को उखाड़ फेंकने सभी को संकल्प लेना चाहिए। कार्यकर्ता सम्मेलन को पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरविंद नेताम, कोटा विधायक कवासी लखमा, प्रदेश कांग्रेस महामंत्री फूलों नेताम, कांग्रेस के प्रदेश नेता रमेश वाल्याणी, शेखर यादव, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष नरेश ठाकुर, प्रदेश कांग्रेस सचिव राजेश तिवारी ने भी सभा को संबोधित किया। मंच संचालन दयाराम जैन ने किया। सम्मेलन में विधायक गुरूमुख सिंह होरा, पूर्व विधायक मंतूराम पवार, पूर्व मंत्री गंगा पोटाई, शिव नेताम, छग कांग्रेस महिला अध्यक्ष अंबिका मरकाम, राजकुमारी दीवान, लोकसभा युवक कांग्रेस अध्यक्ष अमीन मेमन के अलावा नितिन पोटाई, पुरुषोत्तम पाटिल, मानक दरपट्टी, पवन कौशिक, आशीष दत्ता राय, बसंत यादव, चंद्रकांत ध्रुवा, स्वर्णलता सिंह, पुरषोतम गजेंद्र, आकाश राव, कांति नाग, परदेशी राम निषाद, मांडवी दीक्षित, मोतीराम साहू, धर्मेंद्र सेन, सुनील गोस्वामी, रामाधार कुलदीप, नंदकिशोर राठी, रामकरण कुंजाम, धर्मेंद्र मेहता, पंडित राम नरेटी, दुर्गाप्रसाद कोमरा, शिवलाल टांडिया, बाबा गढ़पाले, आरती श्रीवास्तव, विजय यादव, डा विजय तिवारी, चंद्रकुमार यादव, शंकर ध्रुवा, गणेश तिवारी, इशहाक अहमद, लक्ष्मणपुरी गोस्वामी, मुन्ना सिन्हा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
प्रदेश की भाजपा सरकार से जनता त्रस्त
नेता प्रतिपक्ष रविंद्र चौबे ने कहा कि प्रदेश में परिवर्तन की लहर स्पष्ट दिख रही है। आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी प्रदेश की भाजपा सरकार से जनता त्रस्त हो चुकी है। प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन चलाया जाएगा। प्रदेश से नक्सलवाद से लडऩे सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है। नक्सली उन्मूलन के नाम बस्तर के जंगलों में रहने वाले आदिवासी ही मारे जा रहे है। कभी नक्सलियों की गोली से तो कभी सीआरपीएफ जवानों की गोलियों से आदिवासी ही मारे जा रहे है। प्रदेश की बहुमूल्य खनिज संपदा को दलालों के माध्यम बाहर भेजा जा रहा है। भाजपा प्रदेश सरकार किसानों को मात्र लुभाने वायदा करती है लेकिन बोनस नहीं देकर धोखा कर रही है। रमन सरकार किसानों तथा आमजनता की नहीं बल्कि पूंजीपतियों की सरकार है यही कारण है की पूंजीपतियों को तो भरपूर बिजली पानी तथा अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है लेकिन किसानों के दर्द से सरकार को कोई वास्ता नहीं है। प्रदेश सरकार की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सका है की गलत इलाज की वजह से बालोद और कवर्धा में ५४ लोगो की आंखें चली गई और ४ की मौत हो गई।
महंत के नहीं पहुंचने से निराशा
कार्यकर्ता सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री चरणदास महंत भी पहुंचने वाले थे लेकिन बस्तर से लौटते वक्त वे कांकेर नहीं रुके और सीधे रायपुर के लिए रवाना हो गए। राजनीतिक हलकों में इसे कांग्रेस नेताओं की गुटबाजी से जोड़ कर देखा जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी बीके हरिप्रसाद भी कार्यक्रम के बीच से ही अपने संबोधन के बाद चले गए। कार्यक्रम शुरू होने का निर्धारित समय दोपहर १२ बजे था। वरिष्ठ नेताओं के विलंब से पहुंचने के चलते कार्यक्रम बेहद विलंब से दोपहर ३ बजे शुरू हो पाया। कार्यक्रम को लेकर कार्यकर्ताओं में बहुत ज्यादा उत्साह था और सभी विकासखंडों से कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी पहुंच गए थे। पंडाल महिला पुरुष कार्यकर्ताओं से भरा हुआ था लेकिन केंद्रीय कृषि मंत्री के नहीं पहुंचने से कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को निराशा हुई।
धान खरीदी घोटाले की उच्च स्तरीय जांच हो : राजेश तिवारी
कांकेर: - प्रदेश सरकार के विरूद्ध कांकेर जिले में वर्ष 2010-11 में धान खरीदी में लगभग पचास करोड़ रू. का धान घोटाला करने का आरोप लगाते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के सचिव राजेश तिवारी ने केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री डा. चरणदास महंत को कांकेर प्रवास पर ज्ञापन सौंप धान खरीदी की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की हैं।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के सचिव राजेश तिवारी ने कृषि मंत्री को सौपे ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया है कि कांकेर जिले में गत वर्ष अतिवृष्टि के कारण किसानों की फसल खराब होने से धान की क्वालिटी भी खराब हो गई थी। प्रदेश सरकार ने उस धान को खरीदने से इन्कार कर दिया, जिसके कारण जिले के किसान कोचियों एवं व्यापारियों को मजबूरी में अपना धान बेचना पड़ा था। कांग्रेस के द्वारा खराब क्वालिटी की धान को खरीदने की मांग आप लोगों के माध्यम से की गई थी। जिसके आधार पर भारत सरकार के खाद्य, लोक वितरण एवं उपभोक्ता मंत्रालय ने केन्द्रीय जांच दल भेज कर किसानो के धान की जांच कराई थी। केन्द्रीय जांच दल ने किसानों की मांगों को जायज मानते हुए मंत्रालय के पत्र क्रमांक 8-1/2010-ह्य & ढ्ढ / दिनांक 8 मार्च 2011 के द्वारा राज्य सरकार के प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को आदेश जारी कर खरीब फसल 2010-11 सीजन की बारिश में धान का रंग बदलने में 6 प्रतिशत एवं उसना में 6 प्रतिशत एवं चांवल के टूटन में 30 प्रतिशत की छूट प्रदान की थी। इस आदेश के अन्तर्गत छूट का लाभ जिले के किसानों को नही मिला क्योंकि राज्य सरकार ने सहकारी समितियों में पानी से रंग खराब हुए धान को खराब बता कर खरीदने से इंकार कर दिया एवं किसानो को मजबूरी में धान को 700 रू. से 800 रू. में कोचियों व व्यापारियों को बेचना पड़ा था। उस धान को जिला प्रशासन, जिला विपणन अधिकारी एवं लेम्स सहकारी समिति की मिली भगत से फर्जी किसानों के नाम से लेम्स समिति में बेच दिया गया और उक्त केन्द्र सरकार के आदेश का फायदा राईस मिलर व व्यापारियों को मिला। जिला विपणन अधिकारी के कार्यालय में ही 40 से 50 लाख का कमीशन वसूल किया गया। कांकेर जिले में ही लगभग 50 करोड़ का धान खरीदी में घोटाला कर किसानों के साथ धोखा किया गया है।
राजेश तिवारी ने मांग की है कि सत्र 2010-11 में कांकेर जिले में की गई धान खरीदी की जांच कराई जावे, सहकारी समिति में जिन जिन किसानों के पट्टे में धान खरीदी दर्शाया गया है उनके नाम व उनके जमीन के रकबे को सार्वजनिक किया जावे, फर्जी किसानों के नाम से जिन लोगों ने जिला विपणन अधिकारी एवं लेम्स समिति के कर्मचारियों के साथ मिली भगत कर धान को सहकारी समिति में बेचा है, उन सबके विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जावे, केन्द्र सरकार के द्वारा जो छूट प्रदान की गई थी जिसका लाभ किसानों को मिलना था किन्तु उसका फायदा किसानों की नही मिल पाया, अत: फसल का मुआवजा प्रदेश सरकार से दिलाई जावे, सत्र 2011-12 के धान के खरीब फसल की खरीदी केन्द सरकार की निगरानी में किये जाये जिससे किसानों को लूट का सामना ना करना पडे।
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